12 अप्रैल, 2017

घर में पेड़-पौधों को वास्तु के अनुसार कैसे लगायें?





क्या आप जानते हैं कि घर में कौन से पौधे लगाने चाहिए और कौन से नहीं? साथ ही ये भी कि कौन से पौधे घर में कहाँ लगायें? ये लेख इस बारे में आपकी काफ़ी मदद कर सकता है।

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ये तो आप लोग जानते ही हैं कि पेड़-पौधे हमारे जीवन के लिए कितने उपयोगी हैं। पर आप में से बहुत ही कम लोग ये जानते होंगे कि वास्तु के अनुसार नकारात्मक ऊर्जा को सकारात्मक ऊर्जा में बदलने के लिए भी इनका उपयोग किया जा सकता है। आज हम इसी बारे में बात करने जा रहे हैं।

जहाँ एक ओर पेड़-पौधे आस-पड़ोस की अशुभ ऊर्जा को घर के अन्दर आने से रोकने में सहायक होते हैं, वहीं दूसरी ओर श्मशान घाट, कूड़ा-घर, खंभों और कोनों से उत्पन्न नकारात्मक ऊर्जा से बचाव के लिए भी इनका उपयोग किया जा सकता है।

आजकल हमारे आसपास शहरी जीवन की वजह से हरियाली काफ़ी कम हो गई है और फ़्लैट सिस्टम के चलन की वजह से घर भी हवा और प्रकाश रहित तथा पूरी तरह से बन्द होते हैं। इन घरों में रहने वाले लोगों की प्रतिरोधक क्षमता काफ़ी कम होती है तथा वे अक्सर बीमार और अवसादग्रस्त रहने लगते हैं।



पेड़-पौधों को लगाने के भी कुछ कायदे हैं!



घर चाहे खुली हवादार जगह पर हों या फ़्लैट के रूप में एकदम बन्द; इनके अन्दर व आसपास पेड़-पौधों की उपयोगिता से इन्कार नहीं किया जा सकता। परन्तु वास्तु के अनुसार पेड़-पौधों को लगाने के भी कुछ नियम-कायदे हैं, जिन्हें आप चाह कर भी नज़र-अन्दाज नहीं कर सकते।


इनमें से कुछ महत्वपूर्ण नियमों / वास्तु सुझावों से आज हम आपको परिचित कराने जा रहे हैं : -


१.    घर के अन्दर एवं आसपास शुभ एवं सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने वाले पेड़-पौधे ही लगाने चाहिए। जिनमें कुछ प्रमुख हैं : -
 
अशोक, नीम, तुलसी, कनेर, गुलमोहर, गेंदा, रात की रानी, चम्पा, मोगरा, कढ़ी-पत्ता, पुदीना आदि।

२.    बेरी, इमली, नींबू, बेल आदि पौधे धन का नाश करके दु:ख को बढ़ाते हैं।

३.    बेरी, कैक्टस, नागफ़नी आदि काँटेदार पेड़-पौधे हमारे शत्रुओं को बढ़ाते हैं।

४.    बरगद, महुआ, पपीता एवं अन्य दूधदार पेड़ धन का नाश करते हैं।

५.    जामुन, आम, कटहल, केला एवं अन्य फ़लदार वृक्ष बच्चों के लिए हानिकारक होने के साथ-२ कई प्रकार से नुकसान पहुँचाते हैं।

६.    मंदिर, कब्रिस्तान, नदी के किनारे एवं मार्ग के आस-पास से पौधे उखाड़कर घर में ना लगायें।

७.    पेड़ों को भाद्रपद या माघ मास में ही काटना चाहिए, जब चन्द्रमा पुनर्वसु, हस्त, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ या श्रवण नक्षत्र में गोचर कर रहा हो।



काँटेदार पेड़-पौधे लगाने से हमारे शत्रुओं की संख्या बढ़ती है!




ध्यान रखने योग्य अन्य बातें

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१.     घर में बोनजाई पौधे ना लगायें, ये दबाने और कुचलने के प्रतीक हैं तथा नैसर्गिक वृद्धि या प्रगति में बाधा पहुँचाते हैं।

२.     मुख्य द्वार के एकदम सामने बड़ा पेड़ समृद्धि के आगमन को रोकता है।

३.     कार्यालय या स्टडी में एकाध काँटेदार पौधा (जैसे, लाल गुलाब) रखने से सृजनात्मकता एवं सक्रियता बढ़ती है; परन्तु उच्च रक्तचाप से पीड़ित व्यक्ति के लिए ये पौधे खतरनाक साबित हो सकते हैं।

४.     रबड़ या बरगद जैसे गहरे हरे, चिकने और गोल पत्तों वाले तामसी पौधे अगर आसपास हों; तो मूर्खता एवं आलसीपन को बढ़ावा देते हैं।



घर में बोनजाई पौधे नहीं लगाना चाहिए!



५.     घर के निकट कब्रिस्तान होने पर घर के चारों तरफ़ पेड़ों की बाड़ अवश्य लगानी चाहिए। ये हमें बीमारी एवं अवसाद से बचाती है।

६.     अगर घर में तुलसी तथा अन्य पौधे बार-२ सूख जायें, तो इसे घर में अशुभ ऊर्जाओं की उपस्थिति की चेतावनी की तरह देखें और इस पर ध्यान दें।

७.     घर के आगे की ओर छोटे पेड़-पौधे तथा पीछे की ओर अपेक्षाकृत बड़े पेड़ लगायें।

८.     घर में बेलों को कभी भी मुख्य भवन या पेड़ों पर ना चढ़ायें। इसके लिए चहारदीवारी का प्रयोग करें, वो भी भारी दिशा की ओर वाली।



आपने तो ये लेख पढ़ लिया, पर हो सकता है आपके दोस्तों और निकट सम्बन्धियों को भी इसके बारे में कोई जानकारी ना हो, तो हो सके तो उनकी भी मदद करें या उन्हें यहाँ का पता दे दें।



फ़िर मिलते हैं, विदा!



                                                                        शुभेच्छा के साथ
                                                                              गायत्री


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