10 जनवरी, 2016

मेरी राशि क्या है?




जब भी मैं किसी को अपने ज्योतिषी होने के बारे में बताती हूँ, तो लोगों के द्वारा जो पहला सवाल मेरी ओर उछाला जाता है, वो यही होता है कि ‘ज़रा बताइये तो, मेरी राशि क्या है?’ और तो और.. जब किसी के घर में बच्चे का जन्म होता है, तो सबसे पहले उसका नाम रखने की चिन्ता सबको सताने लगती है; और मुझे शायद आपको ये बताने की आवश्यकता नहीं है कि वो नाम राशि आधारित ही होता है।

परन्तु आखिर ये राशि है क्या? इसका सम्बन्ध किससे होता है? कैसे पता लगाएँ कि हमारी जन्मराशि क्या है? राशि कौन सी मानें; जन्मदिन वाली, प्रचलित नाम वाली या जिस महीने में जन्म हुआ है, वो सही राशि है? कहीं आप भी इन्हीं सवालों से तो माथापच्ची नहीं करते रहते हैं?

घबराइये मत! ‘राशि’ कोई हौव्वा नहीं है। इस लेख को पढ़कर आप इसके बारे में आसानी से जान सकते हैं।

 

प्रचलित नाम से राशि नहीं होती


सबसे पहले तो आप ये जान लीजिये कि आपके प्रचलित नाम का राशि से कोई लेना-देना नहीं होता। (अगर आपका प्रचलित नाम राशि आधारित नहीं है, वरना कुछ लोगों का तो प्रचलित नाम और राशि आधारित नाम एक ही होता है। राशि आधारित नाम प्रचलन में लायें या नहीं; इसका उल्लेख मैं एक अलग लेख में करूँगी।)


राशि को देखने की पाश्चात्य-पद्धति लोगों के बीच काफ़ी लोकप्रिय है!


 

लोगों के बीच प्रचलित राशि


दूसरा जो राशि का बहुप्रचलित रूप है, वो यह है कि जिस महीने में आपका जन्म हुआ है, उससे सम्बन्धित राशि ही आपकी राशि मानी जायेगी, पर ये वो राशि नहीं है, जिसका उल्लेख पन्डित जी नामकरण के समय करते हैं। ये राशि आधारित पाश्चात्य पद्धति है, इसे सूर्य-राशि कहते हैं; इसमें एक ही महीने में जन्म लेने वाले सभी लोग एक ही राशि के अन्तर्गत आते हैं।

जिस तरह हम हर जगह पाश्चात्य तरीकों का अनुसरण करते हैं, यहाँ भी वही बात लागू होती है। इसे अपनाने की एक वजह ये भी हो सकती है कि शायद ये पद्धति अपेक्षाकृत सरल है। खैर जो भी हो, पर ये वास्तविक राशि नहीं है।

 

जन्म-राशि / चन्द्र-राशि ही वास्तविक राशि है


चलिये, अब उल्लेख करते हैं उस राशि का, जो हमारी भारतीय संस्कृति में प्रचलित है और जिसके लिये ‘नामकरण संस्कार’ जैसा बडा आयोजन किया जाता है। आज हम आपको इस राशि से जुडा राज भी बता देते हैं; ताकि आप अपने घरों में पैदा होने वाले बच्चों की राशि, साथ ही अपनी भी जान सकें, जिसकी विधि अत्यन्त ही सरल है।

इसके लिये आपको ‘चन्द्र’ की स्थिति जाननी होगी, क्योंकि इस राशि को ‘चन्द्र राशि’ भी कहते हैं। चन्द्रमा प्रत्येक राशि में लगभग ढाई दिन रहता है, अतः इस दौरान पैदा होने वाले सभी लोग एक ही राशि के अन्तर्गत आयेंगे। हाँ, पर उन लोगों के नाम अलग-२ हो सकते हैं। अब ये थोडी गहरी बात है, इसे आप हम ज्योतिषियों पर ही छोड दीजिये। .. :))



चन्द्र की स्थिति पर आधारित जन्म-राशि ही सूक्ष्मतम, प्रमाणिक एवं वास्तविक राशि है!


मैं जानती हूँ, इस पैराग्राफ़ के खत्म होते-२ आपके मन में एक नया प्रश्न जन्म ले चुका होगा कि आखिर चन्द्र की स्थिति कैसे जानी जाये। आप में से जो लोग पंचांग देखना जानते हैं, उनके लिये ये आसान है; साथ ही अखबार में भी इसके बारे में जानकारी दी जाती है। पर जो लोग इन दोनों ही माध्यमों से वाकिफ़ नहीं हैं, वो मुझसे व्यक्तिगत रूप से ये जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। आप मुझे फ़ेसबुक पर सब्स्क्राइब कर सकते हैं; साथ ही ज्योतिष से जुडा कोई भी प्रश्न आप फ़ेसबुक या ब्लॉग पर भी पूछ सकते हैं।

आशा है, पूरा लेख खत्म होते-२ आपके चेहरे पर मुस्कान आ चुकी होगी। लेकिन फ़िर भी आपको अगर कुछ परेशानी हो, तो आप मुझसे किसी भी माध्यम से सम्पर्क कर सकते हैं.....





                                                                                         आपकी शुभाकांक्षी
                                                                                                   गायत्री


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